3 महीने के बच्चे बीमार पड़ने पर क्या करें ,डिलीवरी के बाद जब माता पिता बच्चे को जन्म देते है!उस समय बच्चे बीमार पड़ जाने पर चिंता वाला कारण बन जाता है!खासकर जब बच्चे 3 महीने का हो इस उम्र में बच्चा बहुत नाजुक होता है और उसकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी पूरी तरह विकसित नहीं होती!ऐसे में ज़रा-सी लापरवाही करने से बच्चे की सेहत पर असर डाल सकते है। अगर आपके भी 3 महीने के बच्चे बीमार पड़ते रहते है!तो हम आपको इस आर्टिकल में बताएँगे अगर आपका 3 महीने का बच्चा बीमार पड़ जाए तो क्या करें, और किन-किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए!
1. बच्चे के लक्षणों पर ध्यान दें

3 महीने के बच्चे बीमार पड़ने पर क्या करें ,सबसे पहले, यह समझना जरूरी है कि आपका बच्चा किस तरह से बीमार है।3 महीने का बच्चा बोल नहीं सकता है, इसलिए आपको उसके संकेतों से समझना लेना होगा बच्चा किया कह रहा है।
कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं:
- बार-बार रोना या चिड़चिड़ापन
- दूध पीने से मना करना
- बुखार या शरीर गर्म महसूस होना
- सांस लेने में परेशानी
- उल्टी या दस्त
- शरीर में सुस्ती या नींद ज़्यादा आना
अगर आपको इनमे से कोई लक्षण दिखे, तो तुरंत ध्यान दे और डॉक्टर से संपर्क करें!
2. बच्चे का तापमान नापें

3 महीने के बच्चे बीमार पड़ने पर क्या करें,अगर बच्चे का शरीर छूने में गर्म महसूस लग रहे है,तो थर्मामीटर से तापमान ज़रूर नापें।
- 100.4°F (38°C) या उससे ज़्यादा बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें।
- जब बच्चा बीमार है तो डॉक्टर से पूछे बिना कभी भी बुखार की दवा खुद से न दें।
छोटे बच्चों में बुखार कभी-कभी संक्रमण या सर्दी-जुकाम का संकेत होता है, इसलिए चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।
3. बच्चे को हाइड्रेटेड रखें

3 महीने के बच्चे बीमार पड़ने पर क्या करें,3 महीने के बच्चे के लिए मां का दूध ही सबसे अच्छी दवा और पोषण का स्रोत होता है।अगर बच्चा दूध कम पी रहा है, तो उसे बार-बार कम मात्रा में दूध पिलाने की कोशिश करें।मां का दूध शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है और बच्चे को जल्दी ठीक होने में सहायक होता है।
4. कमरे का तापमान नियंत्रित रखें

जब बच्चे को किसी रूम में सुला रहे है या रख रहे हैं!तो रूम को ना ठंडा होने दे ना जादा गर्म होने दे!
- रूम का तापमान लगभग 25°C से 27°C के बीच रखना सही है।
- अगर मौसम ठंडा है, तो बच्चे को हल्का गर्म कपड़ा पहनाएं।
- गर्मियों में बच्चे को ज्यादा कपड़े या कंबल में न लपेटें।
सही तापमान बच्चे की रिकवरी में बहुत मदद करता है।
5. बच्चे को साफ-सुथरा रखें

- 3 महीने के बच्चे की त्वचा बहुत संवेदनशील होती है।. बच्चे को हमेशा साफ हाथो से ही छुए!
- बच्चे को हमेशा साफ हाथो से ही छुए!
- बच्चे को जब नैपी या डायपर पहनाये तो बार-बार बदले इससे बच्चों को रैशेज़ या गर्म से भाफ जाम जाता है!जो अच्छा नहीं होता है!
- बच्चे को बहुत ज़्यादा न नहलाएं, खासकर जब बच्चा बीमार हो।
6. डॉक्टर की सलाह को गंभीरता से लें

कई माता-पिता घरेलू नुस्खे या दादी-नानी के उपाय आजमाने लगते हैं, लेकिन 3 महीने के बच्चे के लिए यह नुस्खे खतरनाक साबित हो सकता है।
- बच्चे जब बीमार पड़े तो बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा या सिरप न दें।
- अगर डॉक्टर आपको दवा दी है, तो बच्चों को समय – समय पर और सही मात्रा में दवा दें।
- दवा बीच में न छोड़ें, जब तक बच्चा ठीक हो ना जाये!
- बच्चे का इलाज हमेशा,बच्चे वाले डॉक्टर के पास कराइए!जो डॉक्टर बड़े व्यक्ति का इलाज कराते हैं, उसके पास इलाज नहीं कराना चाहिए!
7. बच्चे को आराम करने दें

बच्चे को पर्याप्त नींद और आराम की जरूरत होती है।
- ज्यादा भीड़भाड़ या शोर वाले माहौल से दूर रखें।
- बच्चे को अपनी गोद में रखकर प्यार से सुलाएं, इससे उसे आराम महसूस होता है।
8. कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं?

अगर नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो इंतजार न करें — तुरंत डॉक्टर को दिखाएं:
- बच्चे का बुखार 100.4°F से ऊपर हो!
- बच्चे जब दूध पूरी तरह पीना बंद कर दे!
- सांस फूलने लगे या सीने में घरघराहट हो!
- बच्चे का शरीर नीला या पीला दिखे!
- बच्चे बहुत सुस्त या बेहोश लगे!
निष्कर्ष
3 महीने के बच्चे बीमार पड़ने पर क्या करें, सबसे जरूरी है शांति, देखभाल और सही इलाज।मां का दूध, साफ-सफाई और डॉक्टर की सलाह — यही तीन बातें बच्चे को जल्दी स्वस्थ कर सकती हैं।हर छोटे संकेत पर ध्यान दें, और किसी भी स्थिति में लापरवाही न बरतें।

